google.com, pub-1112571912339708, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Link: https://example.com; rel=canonical खांसी क्यों आती है और खांसी कितने प्रकार की होती है?

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खांसी क्यों आती है और खांसी कितने प्रकार की होती है?

 खांसी क्यों आती है और खांसी कितने प्रकार की होती है?

खांसी अपने आप में कोई रोग नहीं है अर्थात यह अन्य लोगों का केवल लक्षण है यदि खांसी बराबर बनी रहे तो अन्य लोगों को पैदा करने की शक्ति रखती है ।खांसी मुख्यतः तीन प्रकार की होती है।

  1. सूखी खांसी
  2. बलगम वाली खांसी का कफ वाली खांसी
  3. काली खांसी या कुकुर खांसी
सुखी खांसी नई होती है इसमें कठिनाई से थोड़ा-थोड़ा लेस तार कच्चा थूक निकलता है और बलगम खांसी तार होती है जिसमें खास ने उसे कब निकलता है और काली खांसी ज्यादातर छोटे बच्चों को आती है इसमें हंसते-हंसते बच्चों का मुंह लाल हो जाता है और कभी कभी उनका मुंह जमीन से लग जाता है। खांसी कोई भी हो अच्छी नहीं होती और इसे जल्दी ही समाप्त करना जरूरी होता है इसकी चिकित्सा है;-health and wellness 
काली मिर्च और मिश्री बराबर मात्रा में महीन पीस लें इसमें इतना देसी घी मिलाएं कि इस मिश्रण की गोली से बन जाए इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना कर एक ही गोली दिन में चार बार चूसने से हर प्रकार की खांसी और बलगम वाली खांसी ठीक हो जाती है पहली गोली चूसने से भी प्रभाव दिखाई पड़ने लगता है खांसी के अलावा ब्रोंकाइटिस गले की खराश और गला बैठने आदि सभी रोगों में भी लाभदायक है।
  • 25 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण में 100 ग्राम गुड़ मिलाकर आधा आधा ग्राम की गोलियां बना लें दिन में तीन चार बार गोलिया चूसने से हर प्रकार की खांसी समाप्त हो जाती है।
  • भुनी हुई फिटकरी 10 ग्राम और देसी खांड सौ ग्राम दोनों को महीन पीसकर मिला लें और बराबर मात्रा की 14 पुड़िया बना कर रख ले सुखी काशी में आधा गिलास गर्म दूध से रोज सोते समय एक पूरियाले तथा गीली खांसी में एक बुढ़िया गर्म पानी के साथ में जब खांसी दूर हो जाए तो दवा खाना बंद कर दें इस दवा से पुरानी से पुरानी खांसी भी 2 हफ्ते के अंदर समाप्त हो जाती है तथा शुरुआती दमा इससे जाता रहता है गर्मियों के मौसम में तो यादव बहुत ही आश्चर्यजनक लाभ प्रदान करती है।
  • मुनक्का के बीज निकालकर इसमें तीन काली में सड़क का चलाएं और मुंह में रखकर सो जाएं 1 सप्ताह के अंदर ही खांसी ठीक हो जाती।
  • प्रातः काल स्नान करते समय शरीर पर पानी डालने से पहले एक एक बूंद सरसों का तेल नाक से उंगली के अंदर तक लगा लेने से जल्दी ही लाभ होता है।
  • सुखी खांसी के बिना लगे पहन के शादी पत्ती में 1 ग्राम अजवाइन रखकर चबा चबा कर उसका रस निकलने से खांसी समाप्त हो जाती है
  • 20 ग्राम अदरक के रस में 20 ग्राम शुद्ध मधुमक्खी का शहद मिलाएं दिन में तीन बार एक एक चम्मच गर्म करके चाटे यदि खांसी के साथ नजला जुकाम भी है तो यह एक सर्वोत्तम दवा है।
  • सूखा आंवला और मूली की को अलग-अलग बारीक करके उसका चूर्ण बना लें और जाने के बाद फिर मिलाकर रख लें इसमें से एक चम्मच चोर दिन में दो बार खाली पेट प्रातः सायं कुछ दिनों तक लेने से कब साफ होकर खांसी समाप्त हो जाती है।
  • एक बड़े के छिलके का टुकड़ा अथवा चले गए अदरक का टुकड़ा सोते समय मुंह में रखकर चूसते रहने से कब आराम मिलता है सूखी खांसी का दवा मिलता है और खांसी का दौरा बंद होकर आराम से नींद आ जाती है।
  • अखरोट की मीनिंग भुनी हुई साथ मुलेठी बादाम की मीठी गिरी ,कद्दू के बीजों की मींग, निशास्ता, कीकर का गोंद, तथा बीहीदाना ह, सभी वस्तुओं को समान मात्रा में लेकर पीस लें। फिर इसको छानकर रख लें आवश्यकतानुसार एक या दो गोली मुंह में चूसने से गले की खराश ठीक हो जाती है।
  • अजवाइन के बल्दू ग्राम लेकर ऊपर से गर्म पानी पीकर सो जाए इससे सूखी खांसी दमा व श्वास रोग में जल्द ही लाभ मिलता है इससे फेफड़ों को बल मिलता है।
  • अनार के रसूल 20 25 बोल लहसुन के रस को मिलाकर पीएं इससे खांसी में आराम मिलता है।
  • एक प्रतियोगी मीठे सेब का रस निकालकर कपड़े से छान लें उसके रस में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह बासी मुंह पीने से खांसी कुछ ही दिनों में दूर हो जाती है रस बहुत ही असरदार होता है।
  • एक अमरुद को लेकर रेट में दबाकर घूमने और दांतों से ही काट कर खाएं इससे काली खासी भी ठीक हो जाती है।
  • 5 बादाम शाम को पानी में भिगो दें अगले दिन प्रात उन्हें छीलकर और उसमें एक लहसुन की कली और मिश्री मिलाकर पीस से और दिन में दो बार खाए तीन-चार दिन में ही काली खांसी भी दूर हो जाएगी।
  • लहसुन का ताजा रस 10 मुंबई और शहर तथा पानी 4-4 ग्राम  लें ऐसी से मात्रा दिन में चार पांच बार ले काली खांसी ठीक हो जाएगी।
  • गाजर को कूटकर उसका रस निकालें उसे जाने और उसमें थोड़ी सी मिश्री मिलाकर मंद आंच पर पकाएं जब उसकी चटनी से बन जाए तो उसमें काली मिर्च और थोड़ा सा चूर्ण मिलाकर रोगी को चढ़ाएं इससे शीघ्र ही कफ बाहर निकल जाता है और खांसी समाप्त हो जाती है।
  • 6 ग्राम मेथी के बीजों को पानी में डालकर उबालकर छान लें फिर उसमें 20 ग्राम शहद मिलाकर पीने से बलगम खांसी समाप्त हो जाती है दमा से भी राहत मिलती है।
  • बबूल का गोंद तथा देसी खान दोनों को समान भाग लेकर पीस लें तथा मटर के दाने के बराबर गोलियां बना कर रख ले 12 गोली चूसने से ही खांसी समाप्त हो जाती है। बच्चों को अधिक गोली या आयु के अनुसार खिलाएं।
  • कफ युक्त खांसी में नमक की डली को मुख में रखकर चूसने से खांसी का दौरा मंद पड़ जाता है जिससे खांसी में आराम मिलता है।
  • 8-10 बनी हुई काली मिर्च खाने से भी खांसी ठीक हो जाती है।
  • देसी अजवायन 20 ग्राम तथा काला नमक 20 ग्राम दोनों वस्तुओं को धतूरे के पूरे पौधे की लुगदी में रखकर किसी हांडी में डाल दें और हड्डी का मुंह भली-भांति बंद कर दे। फिर हांडी को उपयोग में अच्छी तरह से दबाएं और उपयोग में आग लगा दी पूरी तरह उपले जलने के बाद भी वह घंटों सुलगते रहते हैं। दिल्ली जलकर राख हो जाए उनकी राजपूत पूरी तरह से ठंडी हो जाए तब हांडी को निकालकर खोलें और उसके भीतर की दवा को बहुत बारीक पीसकर किसी कांच की शीशी में भरकर रख लें। इस दवा की एक मात्रा सुबह-शाम पान में रखकर खिलाने से खांसी श्वास और दमा में आराम मिलता है।
  • अमलतास की फलियों को जलाकर राख कर ले फिर उसमें थोड़ा सा पिसा हुआ सेंधा नमक मिलाकर रख लें 4 रत्ती चूर्ण को शहद में मिलाकर तीन चार बार चढ़ाएं इससे खांसी तथा कब्जियत समाप्त हो जाती है।
  • है ग्राम हींग तथा 6 ग्राम कपूर को घूंट पीसकर आधी आधी रत्ती की गोलियां बनाकर रख ले। प्रतिदिन सुबह-शाम एक-एक गोली पानी के साथ खिलाने से रोगी की काली-कली जल्दी समाप्त हो जाती है।
  • कत्था मिश्री और हल्दी की समान मात्रा लेकर पीसकर छान लें इसका एक 1 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से सूखी खांसी दूर हो जाती है।
  • बलगम खांसी को ठीक करने के लिए 20 ग्राम पीपल को बारीक पीसकर सवा सौ ग्राम शहद में मिलाकर रखें और इसे 3-3 ग्राम चाटे।
  • 2 लॉन्ग हमें भूल कर और शहद में मिलाकर चाटने से कुकुर खांसी ठीक हो जाती है इससे ही काली खांसी भी कहते हैं।
  • एक गिलास गन्ने का रस प्रतिदिन दो बार पीते रहने से कुछ ही दिनों में सूखी खांसी में राहत मिलती है इसके सेवन से छाती की घबराहट भी दूर हो जाती है।
  • बकरी के ताजा दूध में मिश्री मिलाकर पीने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है।
  • कच्ची मूली का रस 60 ग्राम एक गन्ने के रस में मिलाकर दिन में 2 बार भी कुकुर खांसी की श्रेष्ठ औषधि है।
  • रीठे के छिलकों को बहुत बारीक पीसकर हलवा अथवा दूध की मलाई में लपेट कर निकल जाए इस से बलगम निकलकर बहुत पुरानी खांसी तथा दवा भी ठीक हो जाता है।
  • दाल के बराबर किसी भी फिटकरी गर्म पानी से रोज रहने से कुकुर खांसी में लाभ होता है।
  • 100 ग्राम गुड़ में एक चम्मच पीसी और शनि हुई सूट एक चम्मच काली मिर्च का पाउडर दिन में चार बार चाटने से तीन-चार दिन में खांसी ठीक हो जाएगी।
  • पके हुए आम को गर्म रात में दबाकर भूनकर और ठंडा होने पर चूसे इससे भी खांसी दूर हो जाती है।
  • नारंगी के रस को गुनगुना कर पीने से खांसी में लाभ होता है।
  • तुलसी अदरक और प्याज का रस शहद के साथ सेवन करने से काली खांसी दूर हो जाती है। खांसी में सेब के रस में मिश्री मिलाकर और गर्म करके पीने से जल्द ही लाभ होता है केवल सेब खाते रहने से भी खांसी जल्द से जल्द राहत मिलता है।
  • खांसी का बार-बार मानव दौरा सा पड़ता है तो थोड़ा सा मिश्री का टुकड़ा मुंह में रखकर उसे चूसने लग जाए थोड़ा आराम जरूर मिलेगा मिश्री पास में ना हो तो काफी पीने से भी राहत मिलती है।
  • कागजी बादाम की गिरी मुंह में रखने से गला तर रहता है जिससे खांसी को आराम मिलता है यदि बार-बार लगातार खांसी उठती हो लेकिन कब बाहर ना आता हो तो पांच बदाम पानी में भिगो दें और उन्हें छीलकर उतनी ही मिश्री मिलाकर पीसकर दिन में दो बार जाते हैं इससे सूखी खांसी समाप्त हो जाती है।
  • छोटे बालकों को खांसी काली खांसी हो जाने पर नारियल का शुद्ध तेल 4 ग्राम रोज चार बार पिलाने से लाभ होता है।
  • पालक के रस में कुल्ला करने से भी खांसी में लाभ होता है।
  • अनार का छिलका चूसने से या पानी में भिगोकर बच्चों को पिलाने से भी खांसी दूर हो जाती है इसका सेवन करते रहना चाहिए।
  • छोटे बालकों को स्वास्कॉफ और खांसी होने पर सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर छाती और पीठ पर मले फौरन आराम हो जाता है
  • अंगूर खाने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है जुकाम और खांसी दूर होती है कब बाहर आ जाता है अंगूर खाने के बाद पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • 20 ग्राम गेहूं और 9 ग्राम सेंधा नमक को पावर पानी में उबालकर पीने से खांसी समाप्त हो जाती।
  • हथेली पर पांच बूंद पानी डालकर दोनों हथेलियों को आपस में रागनी और गले छाती पसली और पीठ पर ऊपर से नीचे 2 मिनट रोज तीन बार मालिश करें ऐसा करने से खांसी समाप्त हो जाएगी।
  • शलजम के टुकड़ों को पानी में उबालें और फिर उस पानी को छानकर पी जाए रोज एक बार इसका सेवन करने से 1 हफ्ते में खांसी समाप्त हो जाएगी।
  • देसी घी और गुड़ आग पर गर्म करें जब गर्म हो जाने पर पिघल कर आपस में मिल जाए तो काली मिर्च का थोड़ा सा पाउडर मिलाकर चाटने से खांसी में लाभ होता है। गली का बैठना और सूखी खांसी समाप्त होती है इसके चाटने के बाद 1 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए काली मिर्च की जगह सेंधा नमक भी मिलाया जा सकता है।
  • दो चम्मच सौंफ दो चम्मच अजवाइन आधा किलो पानी में डालकर उबाल कर छान लें इसमें दो चम्मच शहद मिला है इसकी दो चम्मच प्रति घंटा पिलाने से बच्चों की हर प्रकार की खांसी समाप्त हो जाती है।
  • हल्दी को देखकर पीस कर रखें इसकी आदत चम्मच एक एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार चाटने से इससे खांसी जल्दी ही ठीक हो जाएगी।
  • तेरी सर्दी लगकर सुखी खांसी उत्पन्न हुई हो तो 4 चम्मच तेल और इतने ही मिश्री मिलाकर एक गिलास पानी में इतना उबालें कि आधा पानी ही शेष रह जाए तब इसे पूरा पी जाएं रोज दो बार चार 4 दिन लगातार पीने से खांसी समाप्त हो जाती है।
  • अनार के छिलके समान मात्रा में पीसकर इसका चौथाई चम्मच आधा चम्मच शहद में मिलाकर रोज तीन बार चाटने से खांसी चली जाती।
  • काली मिर्च और मिश्री मुंह में रखने से गला भी खुल जाता है।
  • 10-10 काली मिर्च पीसकर शहद में मिलाकर प्रातः जाएं तथा रात को काली मिर्च और दूध गर्म करके।
  • पीसी 10 काली मिर्च एक चम्मच गरम घी में मिलाकर चाटने से सूखी खांसी दूर हो जाती।
  • एक चम्मच पिसी हुई कालीमिर्च 60 ग्राम गुड़ में मिलाकर गोलियां बनाकर ले और प्रातः शायद चूसने से खांसी में आराम मिलता है।
  • मिश्री और धनिया बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और उसे चावलों के धुले हुए पानी में मिलाकर पिलाने से कफ वाली खांसी ठीक हो जाती है।
  • नाक की एलर्जी यदि हो गई हो तो‌ सोठ काली में छोटी पीपर और मिश्री सभी धर्मों का जून 10 10 ग्राम बीज निकला हुआ मुनक्का 50 ग्राम गोदंती हरताल भस्म 10 ग्राम तथा तुलसी के 10 पत्ते सभी मिलाकर खूब पीस लें और 3-3 रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें । दो गोलियां सुबह व दो गोली शाम को गर्म पानी के साथ 3 माह तक सेवन करें ठंडे पदार्थ पर दही ठंडे पे से परहेज करें नाक की एलर्जी दूर हो जाएगी।

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