Health care tips, फलों और सब्जियों का हमारे भोजन में क्या महत्व है?
स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर हम सभी चिंतित रहते हैं खुद के लिए भी और अपने परिवार के लिए ऐसे में जहां सब कुछ केमिकल युक्त और मिलावटी है वैसे में हम अपने परिवार की सुरक्षा कैसे करें इस बात की चिंता हम सबको रहती है ।इसके लिए हमारे शरीर को फ्रूट्स और फलों की हरी सब्जियों की आवश्यकता होती है जो हमारे शरीर में होने वाली कमी को पूरा करते हैं।भारत में लगभग पांच वर्ष से कम आयुवाले 39,000 बच्चे हर वर्ष विटामिन ए की कमी से अन्धेपन का शिकार हो जाते हैं। हरी पत्तीदार सब्जियों में उपस्थित कैरोटिन शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है, जिससे अन्धेपन को रोका जा सकता है हरी सब्जियों में विटामिन सी को बचाये रखने के लिए उन्हें ज्यादा देर तक पकाना अनुचित है, क्योंकि पोषक तत्व जो मसूड़े को शक्ति प्रदान करते हैं, अधिक पकाने से नष्ट हो जाते हैं।हरी सब्जियों में विटामिन बी कॉम्पलेक्स भी पाया जाता है।हरी पत्तीदार सब्जियाँ प्रतिदिन वयस्क महिलाओं के लिए 100 ग्राम, वयस्क पुरुषों के लिए 40 ग्राम, स्कूल न जान वाले बालकों के लिए (4-6 वर्ष) 50 ग्राम और 10 वर्ष से अधिक उम्र वाले बालक-बालिकाओं के लिए 50 ग्राम प्रतिदिन आवश्यक है।
सब्जियों व फलों के उपचार के तरीके
प्याज का प्रयोग..कान के दर्द के लिए
यदि हमारे कान में दर्द हो रहा हो तो प्याज को गर्म राख में भूनकर उसका पानी में डालें, दर्द में फौरन आराम मिलता है।
मोतियाबिंद के लिए
प्याज के रस को निकालकर उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर भीमसेनी कपूर लेकर सब को एक साथ मिलाकर आंख में काजल की तरह लगाने से मोतियाबिंद से आराम मिलता है।
तंबाकू के असर के लिए
वैसे भी तुझी ने तंबाकू खाने की आदत नहीं है और गलती से खा लिए तो उन्हें बहुत ही परेशानी हो जाती है ऐसे में उनका मन मचल आने लगता है रोम इटली आने लगती है उन्हें दो चम्मच प्याज का रस पिलाने से मितली से और जीमर चलाने से तुरंत आराम मिलता है।
बारूद से जल जाने पर
अक्सर दीपावली में बच्चे पटाखे छुड़ाते समय उसके बारूद से जल जाते हैं और उनके हाथों पर काफी जलन होने लगती है तो समझ में नहीं आता क्या करें ऐसे में यदि आपके घर में प्याज है तो उस स्थान पर प्याज को कूटकर उसका रस निकालकर लगाने से तुरंत आराम मिलता है और जलन भी शांत हो जाती है।
लहसुन से उपचार
हम सब अक्सर लहसुन खाने में तो प्रयोग करते हैं क्योंकि उससे बहुत सारे गुण पाए जाते हैं परंतु क्या आप जानते हैं कि लहसुन का प्रयोग हम अपने दर्द और उनसे राहत के लिए भी कर सकते हैं।
कीड़े वाले फोड़े
जिन पौधों में कीड़े पड़ गए हो या उन पर बैक्टीरिया या फंगस लग गए हो तो स्थान पर रोज लहसुन को पीसकर लगाएं और पट्टी बांधे। 10 दिन तक इस प्रक्रिया को अपनाने से कीड़े भी मर जाएंगे और घाव जल्द से जल्द भर भी जाएगा और ठीक भी हो जाएगा।
दांत दर्द के लिए
यदि हमारे दांतों और मसूड़ों में अक्सर दर्द होता है और उसमें कीड़े लग जाते हैं तो हमारे दांतों में असहनीय दर्द भी होता है और हम कुछ खा पी भी नहीं पाते हैं ऐसे में यदि आपकी रसोई में लहसुन है तो उसका आप अच्छे से प्रयोग कर सकती हैं कीड़ा लगने वाले स्थान पर लहसुन के टुकड़े को गर्म करके रखते दर्द में आराम हो जाएगा और दर्द वाले दांत पर भी लहसुन को गर्म करके रख दे कुछ देर तक छोड़ दें उसके बाद आराम हो जाएगा सारे आजमाए हुए नुस्खे हैं।
गाजर से होने वाले फायदे
वैसे तो सभी लोग सर्दियों में गाजर का हलवा और गाजर को सलाद के रूप में और उसके जूस और सुख के रूप में लगातार प्रयोग करते हैं क्योंकि गाजर है ही इतना गुणकारी। गाजल की गुरु की बखान करते हुए हर कोई नहीं सकता है परंतु क्या आप जानते हैं गाजर में भी हमारे कुछ औषधीय गुण भी मौजूद है, तो आइए जानते हैं।
गाजर की पत्तियों में ढेर सारे मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं, जो आपके शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। गाजर की पत्तियां विटामिन C का सबसे अच्छा स्रोत होती हैं। इसमें विटामिन K और विटामिन A भी अच्छी मात्रा में होता है। साथ ही कई मिनरल्स जैसे- पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि भी अच्छी मात्रा में होता है। इसलिए इसके सेवन से इम्यून सिस्टम स्वस्थ हो सकता है और आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
आधा सर दर्द के लिए या सर दर्द के लिए
आधे सिर में दर्द हो या सिर में दर्द हो तो गाजर के पत्तों का पानी गर्म करके उसको नाक और कान में डालें इससे आधे सर में होने वाले दर्द और सिर दर्द में आराम मिलता है।इसका कारण यह है कि गाजर की पत्तियां ब्लड प्यूरिफायर की तरह काम करती हैं। जब आप इसका सेवन करते हैं, तो खून की अच्छी सफाई हो जाती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त भार नहीं आता है और किडनियां स्वस्थ रहती हैं। साफ खून के कारण बॉडी फंक्शन ठीक रहते हैं, तो लिवर भी अपना काम अच्छी तरह करता है। इसी तरह गाजर की पत्तियों का सेवन करने से धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होता है और आपका हार्ट स्वस्थ रहता है।
पेट में पथरी होने पर गाजर का प्रयोग
गाजर के बीज और शलजम के बीच 20-20 ग्राम ले और मूली को अंदर से खोखला करके भर दे गर्म राख में भून ले जब भूनकर जाए तो बीज निकालकर पीस लें । 6 ग्राम सुबह-शाम एक महीना खाएं बंद पेशाब खुलेगा और पथरी टूटकर निकल जाएगीजब आप इसका सेवन करते हैं, तो खून की अच्छी सफाई हो जाती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त भार नहीं आता है और किडनियां स्वस्थ रहती हैं। साफ खून के कारण बॉडी फंक्शन ठीक रहते हैं, तो लिवर भी अपना काम अच्छी तरह करता है। इसी तरह गाजर की पत्तियों का सेवन करने से धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होता है और आपका हार्ट स्वस्थ रहता है।
महावारी के लिए गाजर का प्रयोग
गाजर के बीज 30 ग्राम कूटकर 500 ग्राम पानी में उबालें जब पानी आधा रह जाए तो थोड़ी शक्कर मिलाकर दो-तीन दिन पिलाएं माहवारी खुलकर आ जाती है। गाजर में ब्लड को साफ करने की और ब्लड को बढ़ाने की भी क्षमता होती है जिससे एनीमिया जैसा रोग भी नहीं होता और हमारे शरीर में ब्लड लेवल भी मेंटेन रहता है और हमारी पीरियड्स भी खुलकर आते हैं।
पीलिया में गाजर का प्रयोग
गाजर 100 ग्राम गुड़ 100 ग्राम 35 पानी में रात को आग पकाकर जब गाजर गल जाए तो सुबह चांदी के वर्क लगाकर गाजर पर खाएं शरीर में होने वाली गर्मी और पीलिया रोग के लिए फायदेमंद है 10 दिन तक ऐसा प्रयोग करने से हृदय मजबूत रहता है और पीलिया रोग में काफी फायदा मिलता है।
शरीर में ताकत के लिए गाजर का प्रयोग
1 किलो गाजर कद्दूकस में गीले और 2 किलो दूध में पका लें। चीनी उसमें आधा किलो डालें जब दूर सूख जाए तो एक पाव देसी घी और पांच अंडे डालकर भुन ले रोजाना 60 ग्राम खाकर ऊपर से दूध पी ले एक महीना ऐसा करने से आपके शरीर में ताकत बढ़ेगी और आपका शरीर भी मजबूत होगा और दिमाग भी तेज होगा। औषधि सभी इस्तेमाल कर सकते हैं स्त्री पुरुष बच्चे बुजुर्ग सभी को गाजर के बने हुए इस हलवे को खिला सकते हैं।
मूली का स्वास्थ्य के लिए प्रयोग
मूली प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-बी, सी, आयरन, आयोडीन, कैल्शियम, गंधक, सोडियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, क्लोरीन से भरपूर है और यह सभी पोषक तत्व मिलकर आपकी सेहत को बेहतर बनाते हैं साथ ही बीमारियों से बचाते हैं। मूली आपकी भूख को बढ़ाती है और आपके पाचन तंत्र को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। गैस की परेशानी में खाली पेट मूली के टुकड़ों का सेवन फायदेमंद होता है
शरीर में दाद के लिए मूली का प्रयोग
मूली को सिर्फ सलाद के रूप में ही नहीं खा सकते हैं बल्कि इसको अपने शरीर पर होने वाले कई फंगल इंफेक्शन के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं इसमें से एक फंगल इंफेक्शन है दांद जिस के इलाज में मूली बेहतरीन प्रयोग करता है। मूली के बीज, गंधक अमलसार, गूगल 20-20 ग्राम, नीला तूतिया 1 ग्राम, सबको बारीक करके आधा पानी में घिसकर रख दे बाद में लगाएं कुछ दिनों में दाद ठीक हो जाएगा।
पेशाब के लिए मूली का प्रयोग
अक्सर बच्चों को बिस्तर पर पेशाब साफ करने के की आदत होती है और लाख चाहने पर भी आदत छूट नहीं पाती और बच्चे बिस्तर गंदा कर देते हैं ऐसे में मूली का अचार जिसमें कि काला नमक और काली मिर्च उसको बनाकर रखने और बच्चों को नियमित उसको खिलाएं रोजाना खाने से तील्ली और पेशाब जैसे समस्याओं में राहत मिलती है।
बवासीर के लिए मूली का प्रयोग
अनियमित खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण आजकल बाबासीर की समस्या आम बात हो गई है ऐसे में सभी लोग ज्यादा से ज्यादा अंग्रेजी दवाओं का सेवन करते हैं जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में घरेलू नुस्खे बहुत ही कारगर सिद्ध होते हैं उसमें मूली का प्रयोग भी एक महत्वपूर्ण नुस्खा है 20 ग्राम मूली खोखली करके उसमें 20 ग्राम रिसोर्ट डालकर आग पर भून लें दूसरे दिन मूली में से रसौत निकालकर मूली के रस में मोटे बेर के बराबर गोलियां बनाएं सुबह-शाम पानी के साथ खाने से बवासीर में आराम मिलता है इसको खाते समय गर्म चीजों से परहेज करें।
सेहत के लिए नींबू का प्रयोग
नींबू में विटामिन ए, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन इ, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, फास्फोरस, जस्ता, फोलेट, तांबा, पैंटोथेनिक एसिड, नियासिन थायमिन और कई तरह के प्रोटीन इत्यादि पोषक तत्व होते है। यह पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते है।
पेट दर्द के लिए नींबू का प्रयोग को
नमक ,अजवाइन ,जीरा ,चीनी ,सब दो-दो ग्राम बारीक पीसकर के नींबू निचोड़ कर खाने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है।
दांत दर्द के लिए नींबू का प्रयोग
जब दांत में दर्द हो और कोई विकल्प ना दिख रहा हो तो घर में नींबू का प्रयोग किया जा सकता है इसके लिए थोड़ा सा लौंग को पीसकर पाउडर बना लें और उसमें नींबू का रस में छोड़कर दर्द वाले स्थान पर लगाएं दांत दर्द ठीक हो जाता है ।दांत दर्द के लिए नींबू के साथ खाने का सोडा भी मिलाकर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
पेचिश और दस्त के लिए भी नींबू का प्रयोग किया जा सकता है
जब बार-बार दस्त पेचिश हो तो ऐसे में डॉक्टर के यहां तो जाना ही चाहिए उसके साथ नींबू का प्रयोग भी बहुत ही लाभकारी और फायदेमंद होता है एक गिलास पानी में नींबू निचोड़ कर उसमें हल्का सा नमक डालकर दिन भर में 2-3 बार पीने से बार-बार होने वाली 10 और पेचिश में आराम मिलता है।
चक्कर के लिए नींबू का प्रयोग
कभी-कभी सर पर गेस्ट टीचर जाती है और सिर में अचानक से दर्द होने लगता है और दर्दसे बहुत बेचैनी सी महसूस होने लगती है। ऐसे में पेट की गैस की वजह से सिर में चक्कर सा आने लगता है एक प्याली गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर 8 दिन लगातार पीने से चक्कर आने में राहत मिलता है।
सीने की जलन में नींबू का प्रयोग
कभी-कभी अचानक यूं ही सीने में जलन सी महसूस होने लगती है और बहुत बेचैनी होने लगती है ऐसे में यदि घर में नींबू है तो ढाई सौ ग्राम ठंडे पानी में नींबू निचोड़ कर उसको पीने से सीने की जलन में राहत मिलता है और घबराहट में भी आराम मिलता है।
खूनी बवासीर के लिए नींबू का प्रयोग
बवासीर की समस्या वैसे ही बहुत खतरनाक और घातक होती है और समस्या और अधिक बढ़ जाती है जब वह बवासीर खूनी हो जाए तो ऐसे में बहुत ही कमजोरी महसूस होने लगती है। एक नींबू काटकर 4 ग्राम कथा पीसकर नींबू पर छिड़क दें और रात को छत पर रखे सुबह दोनों टुकड़ों को चूस ले खून बंद करने के लिए बढ़िया दवा है 5 दिन ऐसा करने से आपका खूनी बवासीर सही हो जाएगा।
मोटापा दूर करने के लिए नींबू का प्रयोग
एक नींबू 25 ग्राम पानी में निचोड़कर उसमें पानी गुनगुना होना चाहिए उसमें शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है गर्मियों में लगातार सेवन करने से वजन कम हो जाता है।
पेट के रोग के लिए नींबू का प्रयोग
त्रिफला ,अजवाइन ,काला नमक ,50-50 ग्राम काली मिर्च 1 ग्राम घीगवार के छोटे-छोटे टुकड़े करके मिट्टी के बर्तन में 15 दिन तक धूप में रखें। सेंधा नमक 20 ग्राम मिलाएं दवा तैयार है पेट में गैस का ,दर्द ,कब्ज ,भूख न लगना आदि के लिए दो टुकड़े गर्म पानी के साथ दिन में 2 बार खाना खाने के बाद ले पेट के रोग दूर होंगे पेट का फूलना जी मिचलाना खट्टी डकार आना बंद हो जाएगा और गैस में भी राहत मिलेगी।
चेहरे पर मुंहासे और एक्नेके लिए नींबू का प्रयोग
थोड़ा सा मलाई में चौथाई नींबू को निचोड़कर रोजाना मुंह पर लगाने से चेहरे का रंग साफ होगा और मुहासे खत्म हो जाएंगे जब मुहासे पके और कटे-फट हो तो उन पर ना लगाएं।
उल्टी आने पर नींबू का प्रयोग
जब उल्टियां पर ना होता पैसे में नींबू का प्रयोग बहुत ही कारगर होता है आधे नींबू का रस एक गिलास पानी में एक छोटी इलायची के दाने के पाउडर को मिलाकर दो 2 घंटे पर लगातार पीने से लगातार आने वाली उल्टी में आराम मिलता है।
तुलसी का प्रयोग हमारे सेहत के लिए
तुलसी की पत्तियों को सबसे ज्यादा गुणकारी माना जाता है। इसकी पत्तियों का चूर्ण बनाकर और बीज का प्रयोग भी किया जा सकता है। आप पत्तियों को सीधे भी खा सकते है।
अदरक और शहद के साथ तुलसी मिलाकर हर्बल चाय बनाकर सर्दियों में पीया जाता है। बुखार, पेट दर्द और संक्रमण जैसी बिमारियों में भी इसका उपयोग किया जाता है। तुलसी के उपयोग से भूख बढ़ाने, पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है।
पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए चमत्कारी है तुलसी
तुलसी की पत्तियों को पीसकर पीने से मनुष्य की पाचन शक्ति तीव्र होती है। इसका प्रयोग हफ्ते में दो बार किया जा सकता है तुलसी के पत्तियों को पीसकर इसको पानी में मिलाकर दो चम्मच सुबह-शाम लेने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और लिवर को स्ट्रांग रहता है।
सर्दी जुकाम के लिए तो रामबाण है तुलसी
तुलसी के पत्तों में चमत्कारिक उपाय है ऐसे ही तुलसी को घर का वैध नहीं कहा जाता है । तुलसी के पत्तों को सिर्फ हम ऑक्सीजन और पूजा के लिए भी नहीं इस्तेमाल करते बल्कि पूर्ण तुलसी के पत्तों का प्रयोग हम अपने सेहत के लिए भी कर सकते हैं जब अधिक सर्दी जुकाम हो जाए तो तुलसी के पत्तों को पीसकर उसमें अदरक का रस मिलाकर चाटने से सर्दी जुकाम में तुरंत राहत मिलता है ऐसा सुबह-शाम नियमित करने से इंफेक्शन भी नहीं होता।
पीलिया रोग के लिए तुलसी का प्रयोग
यदि आपके शरीर में बार-बार पीलिया रोग होती है तो इससे हमारे ब्लड में भी इंफेक्शन हो जाता है उससे बचने के लिए हम घरेलू नुस्खों को का भी प्रयोग कर सकते हैं। तुलसी की पत्तियों का रस 10 जून मूली का रस चार बूंद गुड़ के साथ मिलाकर पीने से पीलिया रोग में आराम मिलता है।
स्वप्नदोष के लिए तुलसी का प्रयोग
रात को सोते समय काली तुलसी के 10 12 पत्ते जल के साथ रोज रात में लेने से स्वप्नदोष में आराम मिलता है।
शीघ्रपतन की बहुत ही अच्छी दवा है तुलसी
तुलसी के 2 पत्ते और 4 ग्राम 20 रोजाना सुबह-शाम पान में रखकर चबाने से शीघ्रपतन में पुरुष को लाभ होता है।
शहद के गुणकारी लाभ
शहद का नियमित सेवन सर्कुलेटरी सिस्टम और रक्त की केमिस्ट्री में संतुलन को पाने में न सिर्फ आपकी मदद करता है, बल्कि आपको ऊर्जावान और फुर्तीला भी बनाए रखता है। अगर आपको निम्न रक्तचाप की शिकायत है और अगर आप नीचे बैठे-बैठे अचानक उठने की कोशिश करते हैं तो आपको चक्कर आ जाते हैं। निम्न रक्तचाप का मतलब दिमाग में ऑक्सीजन का कम मात्रा में पहुंचना है। इसी तरह से अगर आप अपना सिर नीचे करते हैं और आपको चक्कर आते हैं तो इसका मतलब है कि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है। या तो उच्च रक्तचाप की वजह से या फिर ऑक्सीजन की कमी की वजह से आपको चक्कर आते हैं।
*असली सर आंखों में लगाने से काला मोतियाबिंद रुक जाता है।
*असली स शहद 50 ग्राम, दही 100 ग्राम मैं मिलाकर रोजाना सुबह-शाम 1 साल तक खाने से सेहत बनती है और शरीर स्वस्थ रहता है दिमाग की कमजोरी भी दूर होती है।
*शहद नियमित सेवन करने से चेहरे पर कील मुंहासे झाइयां आदि नहीं होते हैं और चेहरा चमकदार बनता है।
*10 ग्राम शहद में 2 ग्राम मुलेठी 2 ग्राम आंवला मिलाकर सुबह-शाम खाने से खांसी बलगम सर्दी जुकाम बुखार आ जाना रुक जाता है।
*गर्मी के दिनों में शहद को पानी में मिलाकर शरत की तरफ पीने से शरीर में ज्यादा गर्मी नहीं लगती और गर्मी से राहत भी लगती है और लू लगने की भी समस्या नहीं रहती।
आंवले के गुणकारी लाभ
कब्ज में आंवले को आयुर्वेदिक उपचार रात को सोते समय दो या तीन चम्मच आंवले का चूर्ण गर्म दूध के साथ लेने पर प्रातः काल पेट साफ हो जाता है और कब्ज की समस्या नहीं रहती है और दिन भर स्कूटी बनी रहती है।
मुख लगने पर आंवले का आयुर्वेदिक उपचार यदि आपको भूख नहीं लगती है तो ऐसे में आंवले का प्रयोग बहुत ही कारगर सिद्ध हो सकता है 5 ग्राम सूखे आंवले का चूर्ण पानी के साथ लेने पर सुबह-शाम भूख खुलकर लगने लगती है और पाचन शक्ति भी मजबूत होती है।
शक्तिवर्धक टॉनिक के रूप में आंवले का प्रयोग
सूखे आंवले के चूर्ण को गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत बढ़ती है और सभी शक्तिशाली होता है पता है तथा कई बीमारियों से मुक्ति मिलती है खासकर पुरुष संबंधी बीमारियों से।
पेट और आंतों में पडने वाले छालों से लाभ ताजे आंवले के रस को शहद में कुछ दिन तक सेवन करने से पेट और आंतों के छाले ठीक हो जाते हैं दो चम्मच आंवले को रस और ल के रस को सुबह-शाम पीने से
पेट और आंतों की समस्याओं से निजात मिलती है।
बलगम के लिए आंवले का प्रयोग
सुखा आंवला 2 ग्राम मुलेठी का पाउडर एक दिन में दो बार गर्म पानी से लेने से बलगम साफ हो जाता है।
सर चकराने पर आंवले का प्रयोग
गर्मियों में अभी गर्मी से चक्कर आए या न लग जाए तो आंवले का शरबत पीने से आराम मिल जाता।
लिकोरिया होने पर आंवले का प्रयोग
आंवला 3 ग्राम बारीक पेस्ट करके 6 ग्राम शहद में मिलाकर दिन में 1 बार 15 दिन तक खाएं और खटाई का परहेज करें तो लिकोरिया जैसी समस्या से आराम मिल जाता है क्योंकि इस समस्या से महिलाओं के कमर में कमजोरी आ जाती है और कमर दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
दिल की धड़कनों को नियंत्रित करने का आंवले का चमत्कारी प्रयोग
जीना बेवफा दिल बहुत धड़कता हो और अत्यधिक हार्ट बीट करती हो उनके लिए 50 ग्राम वाली की मूर्ति का चांदी का वर्क लगाकर सुबह खाली पेट 20 दिन तक खाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
अनार से जुड़े ढेरों सेहत के फायदे आप सभी लोग जानते हैं क्योंकि अनार में एंटीऑक्डेंट के गुण भी होते है। अनार में भरपूर मात्रा में गुडकारी मिनरल्स पाए जाते हैं जो साहब सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। और क्या आप जानते हैं अनार के औषधीय प्रयोग भी ढेर सारे होते हैं जिनका उपयोग करके हम अपने सेहत को भी सुधार सकता है।
दांतो की मजबूती के लिए अनार
अनार के फूल छाया में सुखाकर बारीक पाउडर बनाने इसके बाद इसको मंजन की तरह दातों पर मलने से दांतों से खून आना और पायरिया की समस्या बंद हो जाती है और दांत खूबसूरत और चमकदार भी हो जाते हैं।
पीलिया के लिए अनार का प्रयोग
मीठे अनार के दानों का रस 50 ग्राम रात को लोहे के बर्तन में करके छत पर रख दें सुबह थोड़ी मिश्री मिलाकर 20 25 दिन तक पीने से पीलिया की समस्या में निजात मिलती है और बार-बार होने वाली पीलिया भी नहीं होती है।
खांसी के लिए रामबाण अनार
मीठे अनार का छिलका 20 ग्राम काला नमक 20 ग्राम बारीक करके पानी में मिलाकर एक 1 ग्राम की गोलियां बनाएं दिन में तीन बार दो-दो गोली चूसे ऐसा करने से खांसी में आराम मिलता है। इन गोलियों को खाते समय खट्टी चीजों का प्रयोग ना करें। 6 ग्राम अनार छिलका थोड़ी दूध में उबालकर पीने से काली खांसी में आराम मिलता है।
पेशाब की समस्या में अनार का प्रयोग
अनार का छिलका बारीक पाउडर बना लें अनार को छांव में सुखाकर ही इसका पाउडर बनाएं 4 ग्राम ताजी पानी के साथ दिन में दो बार खाने से मसाने की गर्मी और पेशाब का बार बार आना ठीक होता है 10 दिन ऐसा करने से पेशाब की समस्या से निजात मिल जाती है अनार की इस प्रयोग को करते समय चावल का प्रयोग ना करें खाने में चावल ना खाएं।
स्वप्न दोष के लिए अनार का प्रयोग
कंधारी अनार का छिलका बारीक करके 3 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष ठीक हो जाता है इस इस दिन जिस दिन आप अनार का प्रयोग करें उस दिन खटाई का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
जामुन के आयुर्वेदिक उपचार
यह पेट दर्द को दूर करने के लिए जाना जाता है, और इसमें एंटी-स्कॉर्बुटिक, और डियूरेटिक (diuretic) गुण होते हैं. जामुन के पॉलीफेनोलिक गुण कैंसर, हार्ट की बीमारी, डायबिटीज, अस्थमा और गठिया से लड़ने के काम आते हैं ।
बार-बार पेशाब आने में जामुन का प्रयोग
जामुन की गुठली बारीक करके 4 4 ग्राम सुबह-शाम ताजे पानी के साथ लेने से जल्दी जल्दी पेशाब आने की समस्या से मुक्ति मिलती है और पेशाब भी साफ हो जाती है।
महावारी के लिए जामुन का प्रयोग
जामुन की हरी ताजा छाल 20 ग्राम पानी में रगड़ कर और छानकर सुबह-शाम पिलाने से माहवरी का खून ज्यादा आने से निजात मिलती है और खून साफ भी हो जाता है।
लिकोरिया के लिए जामुन का प्रयोग
जामुन की हरी ताजा छाल छाया में सुखाकर बारीक करके 44 ग्राम सुबह-शाम बकरी और गाय के दूध के साथ खाने से औरतों को प्रदर रोग में फायदा मिलता है।
दातों के लिए जामुन का प्रयोग
जामुन की हरी छाल बारीक करके मंजन की तरह मलने से दांतों की सब बीमारियां बहुत अच्छी तरह से दूर हो जाती है और पायरियां जैसे रोगों में भी आराम मिलता है।
शुगर को कंट्रोल करने के लिए जामुन का प्रयोग
मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है जामुन जामुन की छाल या गुठली सुखाकर छांव में सुखाकर बारीक पीस लें और सुबह-शाम एक-एक चम्मच ताजे पानी से खाने से शुगर में आराम मिलता है
आम के आयुर्वेदिक उपचार
हाजमा ठीक करता है आम मीठे आम का रस 20 ग्राम और सूट 2 ग्राम पीसकर मिलाने सुबह के वक्त पीने से जिनको खाना ठीक से हजम नहीं होता है उनके लिए बहुत अच्छा है ऐसा 7 दिन करने से हाजमा ठीक हो जाता है।
ताकत बढ़ाने के लिए आम का प्रयोग
मीडियम करत सवा सौ ग्राम दूध के साथ मिलाकर लस्सी की तरह बना ले 2 महीने तक सुबह-शाम पीने से शरीर में ताकत बनी रहती है और शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है।
लू लगने पर आम का प्रयोग
दो कच्चे आम को आग में भूनकर उनका गुदा निचोड़कर ढाई सौ ग्राम पानी में थोड़ी बर्फ और चीनी मिलाकर दिन में दो बार पीए लू की बीमारी ठीक हो जाती हैं।
गर्भवती स्त्रियों की उल्टी में आराम
अक्सर महिलाओं को जब वह गर्भवती होती है तो उनको उल्टी की समस्या बार-बार होती है ऐसे में उनका हाजमा सही नहीं रहता उनके लिए आम का रस 20 ग्राम गुलाब का अर्क 20 ग्राम कैल्शियम वाटर 20 ग्राम सबको मिलाकर दिन में तीन बार पिलाने से गर्भवती स्त्रियों की उल्टी में फायदा होता है इसको बस एक ही खुराक लेना चाहिए।
दांतो की मजबूती के लिए आम का प्रयोग
आम की पत्ती छाया म सुखाकर जलाकर बारीक पीसकर रोजाना मलने से दांतों से खून आना बंद हो जाता है और पायरिया भी ठीक हो जाता है।
मीठे आम का गुदा ढाई सौ ग्राम दही में जरूरत के अनुसार चीनी और बर्फीला कर लस्सी की तरह रगड़ कर रस बनाने एक गिलास दूध पीने से खून बढ़ता है शरीर को ताकत और तंदुरुस्ती मिलती है और चेहरे पर भी रंगत मिलती लू से भी बचाता है इसको पीने से भूख भी बढ़ती।
कच्चे आम का 1 किलो छिलका उतारकर कद्दूकस कर थोड़ी पानी में डालकर आग पर वाले फिर ठंडा होते ही आम को नहीं छोड़ कर आधा किलो चीनी मिलाकर आग पर पकाएं जरूरत के उसमें थोड़ा सा केवड़ा और छोटी इलायची का पाउडर डालकर कांच के बर्तन में रख दे इसको गर्मियों में पानी पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है प्यास भी भी नहीं लगती है और स्वास्थ्य भी अच्छा लगता है।
अंगूर का आयुर्वेदिक उपचार
अंगूर भी अविश्वसनीय रूप से स्वस्थ हैं. यह फल विटामिन सी और के, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सिडेंट जैसे कि रेस्वेराट्रोल और बीटा कैरोटीन से भरा होता है. अंगूर खाने के फायदे कमाल के होते हैं. ये पुराने रोगों को रोकने में मदद कर सकते हैं. गुच्छों में लटक रहे रसदार अंगूर सेहत के लिए चमत्कार कर सकते हैं! स्वादिष्ट स्वाद के अलावा, अंगूर भी पोषण से भरे होते हैं. इम्यूनिटी को मजबूत करने से लेकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम तक अंगूर खाने के स्वास्थ्य लाभ जबरदस्त हैं ।
सुखी खासी के लिए अंगुर
बादाम की गिरी, मुलहठी, मुनक्का सब 10-10 ग्राम बारीक करके चने के बराबर गोलियां बनाकर सुबह-शाम खाने से सुखी खांसी में आराम मिलता है।
कब्ज, सिर दर्द ,पेट फूलना ,आदि के लिए अनार का प्रयोग अंगूर का ताजा रस 50 ग्राम रोजाना पिलाने से हाजमा की खराबी, पेट का फूलना , कब्ज, सिर दर्द, चक्कर आना, दौरे ,अफरा आदि में आराम मिलता है।
मिर्गी के दौरे में अंगूर का प्रयोग
अकर्करा 10 ग्राम को भारी करके 20 ग्राम मुनक्का में खूब रगड़ कर पेस्ट बना लें। मुनक्के के बीज निकाल कर फेंक दे वजन के अनुसार 2-2 ग्राम 15 से 20 दिन तक दूध के साथ सेवन करें करने मिर्गी के दौरे में आराम मिलता।
सेब के आयुर्वेदिक उपचार
पुराने सिर दर्द के लिए सेब का प्रयोग
1 मीटर से काटकर नमक लगाकर सुबह खाली पेट जलाकर 15 दिन तक खाने से सिर दर्द में आराम मिलता है और पुराने से पुराना सिर दर्द भी इस नुस्खे के प्रयोग को करने से ठीक हो जाता है।
दिमाग की कमजोरी के लिए सेब का प्रयोग
खाना खाने के 10 मिनट पहले कोटा से बिना छिलका उतारे 10 दिन तक खाएं दिमाग की कमजोरी और दिल की कमजोरी से राहत मिलता है।
पेट की गैस के लिए सेब का प्रयोग
एक मीठा सेव लेकर उसमें 10 ग्राम लोंग चुप होते 10 दिन बाद का एक लौंग रोजाना पानी खाए पट की गैस में आराम मिलता है।
ताकत के लिए सेब का प्रयोग
एक मीठा सेब जिसमें जितने लौंग आ सके चोमू कर किसी चीनी के बर्तन में 8 दिन तक पड़ा रहने दे 8 दिन बाद सारी लोंग निकालकर 1 सीसी में रखते और रोजाना 2 लौग वाली करके सुबह दूध के साथ 20 दिन तक खाएं ऐसा करने से मर्दाना ताकत के लिए और महिलाओं के लिए दोनों के लिए भी रामबाण। लौंग सुस्ती के लिए बढ़िया भी चीज है। गैस की बीमारी को भी ठीक करेगी धातु के मरीज ना खाएं।
ह्रदय की कमजोरी के लिए सेव का प्रयोग
सेब का मुरब्बा 50 ग्राम चांदी की 2 वर्ग लगाकर सुबह के वक्त सेवन करें दिल की कमजोरी दिल का बैठना ठीक रहेगा 15 दिन तक इसका प्रयोग करना है।
केला का आयुर्वेदिक प्रयोग
खांसी के लिए केले का प्रयोग छिलके को शाम सुखाने या सुखा हुआ किसी भी डिपार्टमेंटल स्टोर से ले ले उसे दर्द गर्म करके पारी की असली शहद के साथ एक चम्मच सुबह-शाम लेने से पुरानी से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है।
आंतों की मर्ज के लिए केले का प्रयोग
दो केले टिकट 100 ग्राम ताई के साथ कुछ दिन खाने से दस्त चीज संग्रहण को फायदा करता है।
मुंह में छालों के लिए केलों का प्रयोग
जीभ पर छाले पड़ने पर गाय के दूध की दही के साथ केला कुछ दिन इस्तेमाल करें मुंह के छालों में आराम मिलता है।
नकसीर के लिए केले का प्रयोग
एक पका हुआ केला शक्कर मिलाकर दूध के साथ 8 दिन खाए नक्सीर में फायदा होगा।
शरीर को स्वस्थ करने में केले का प्रयोग
तो पहले ऊपर से ही आज दूध के साथ महीने भर खाने से शरीर स्वस्थ और मजबूत होता है।
बादाम का आयुर्वेदिक उपचार
तोतले पन के लिए बादाम का प्रयोग
बादाम की गिरी 50 ग्राम चांदी के वर्क 10 ग्राम दालचीनी 10 ग्राम 3 ग्राम लोंग पिस्ता 200 ग्राम केसर बढ़िया 3 ग्राम सबक बारीक पीसकर ढाई सौ ग्राम शहद में मिलाकर 2 ग्राम दिन में एक गिलास दूध के साथ इस्तेमाल करने से तोतले पन से निजात मिलती है।
नोट उपर्युक्त नुस्खे आयुर्वेद के आधार पर लिखे गए हैं सारे नुस्खे आजमाएं हुए हैं जिसने किसी नुस्खे में कोई साइड इफेक्ट नहीं है फिर भी किसी को यदि कोई परेशानी हो तो चिकित्सक से परामर्श करने के बाद ही इन उसको को आजमाएं।
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