Healthy food.देशी गुड़ का ठेकुआ। दादी की रेसिपी।।
हमारे भारत में किस त्यौहार के साथ ही साथ तरह-तरह के व्यंजन भी बहुत ही मशहूर है जोकि देसी तरीके से बनते हैं और व्यंजनों का स्वाद और सेहत से भरपूर संबंध होता है। स्वाद के चाय की में भारतीय व्यंजनों का कोई जोड़ नहीं है उसी की तरह उसका स्वास्थ्य पर भी कितना प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और हमारे यहां तो सबसे खास बात यह है कि व्यंजन मौसम के अनुसार बनाए जाते हैं जैसा मौसम वैसा व्यंजन तो इसी तरह से हमारा व्यंजन हमारे शरीर पर कभी भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।
सामग्री:
- गेहूं का आटा एक बड़ी कटोरी।
- देशी गुड एक पांव
- बेकिंग सोडा
- तलने के लिए तेल
- नारियल कद्दूकस किया हुआ एक कटोरी।
बनाने की विधि:
देसी गुड़ को पहले दो-तीन घटे पानी में भीगा दे ताकि वह अच्छे से मेल्ट हो जाए। अब एक बड़ा कटोरी आटा लेकर उसमें दो चम्मच देसी घी मिलाकर मोहन लगाकर उसमें देसी स्कूल का जो मेल्ट हुआ पानी है उसी से पूरे आते को पूछते और आटे में क्रेस्ट किया हुआ नारियल का बुरादा मिलाकर आटे का सॉफ्ट डो तैयार करके रख दिया। 2 घंटे तक इस आटे को हम फूलने के लिए रख देंगे 2 घंटे के बाद यह आता अच्छे से फुल कर तैयार हो जाएगा फिर हम इसे 5 से 7 मिनट के लिए अपने हाथों से अच्छे से गुथ लेंगे। अब गैस पर कढ़ाई रख के उसमें तेल डालकर तेल को गर्म होने देंगे जब तेल गर्म हो जाए तो हमें आज को मध्य रखना है आज को बहुत तेज में रखना है अगर आज को बहुत तेज रखेंगे तो हमारा गुड का ठीक हुआ जल जाएगा और पकेगा नहीं इसलिए हमें मध्य आज के धीमे-धीमे सारे ठेकुआ को तल लेना है। इस ठेकुआ को पहले दादी नानी लोग पड़े की चाल से बनती थी कहीं आने-जाने के लिए सफर के लिए चुकी गुड में आयरन की मात्रा भरपूर होती है इसलिए इस तकवा को खाने से हमारे शरीर में आयरन भी मिलता है और कोई नुकसान भी नहीं करता और इसे आप स्टोर करके भी 10 से 15 दिन रख सकते हैं और सबसे बड़ी चीज थकवा को अगर आप आम के अचार के साथ खाएंगे तो यह खाने में बहुत ही लाजवाब और स्वादिष्ट पिता है।
आप बच्चों को टिफिन में भी बना बनाकर इस ठेकुआ को दे सकते हैं।
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