होली के नेचुरल रंग घर पर ही बनाने की विधि
पहले के समय में केवल प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने का विधान था जिससे शरीर को कोई भी नुकसान नही होता था। अपितु इन रंगों से तो शरीर को लाभ मिलता (Holi Ke
Rang Ghar Par Kaise Banaye) था और नहाते समय मैल भी निकल जाता था।
साथ ही यह इस बदलते मौसम में लाभदायक सिद्ध होता था क्योंकि चारों ओर उड़ते प्राकृतिक रंग जीवाणुओं-विषाणुओं को समाप्त करने के साथ-साथ हमारी त्वचा, आखों इत्यादि के लिए भी लाभदायक (Holi Ke Rang Kaise Banate Hain) सिद्ध होते थे। किंतु आजकल बाजार में नाना प्रकार के रंग आ चुके हैं जिनका दुष्प्रभाव हमारे स्वाथ्य पर पड़ता हैं।
गुलाब की खुशबू और गुलाबी का गुलाल होली में होगा कमाल :-
आज आपका होली का रंग प्राकृतिक और बिल्कुल फूलों जैसा हो तो आपकी त्वचा को भी कोई खतरा नहीं होगा आपकी पंजाबी सुरक्षित रहेगी और आप होली का लुफ्त भी बड़े ही मजे से उठा सकेंगे इसके लिए आपको गुलाब के फूलों का गुलाल बनाकर पहले से ही होली के लिए रख लेना चाहिए जो एक आपके त्वचा के लिए अच्छा पोषण भी होगा और आपको आपक होली में चटक रंग ही मिलेगा।
इसको बनाने के लिए सबसे पहले गुलाब की पंखुड़ियों को छाया में सुखा लें छाया में सुखाने के बाद इसको अच्छे से ब्लेंड करले मिक्सर के जार में ।फिर इसमें थोड़ा सा लाल चंदन का पाउडर मिलाकर और थोड़े से लाल खाने वाले रंग को मिलाकर खूब अच्छे से मिक्स करके उसमें थोड़ी से चंदन तेल बुंदे खुशबू के लिए मिलाकर जार में भरकर रखते और फिर होली के दिन इसका इस्तेमाल करें यकीन मानिए इस तरह का गुलाल आपने अपने जीवन में एक बार बना लिया तो फिर कभी आप मार्केट का केमिकल युक्त गुलाल खरीदने का सोचेंगे भी नहीं।
गेंदे की चमक और होली की महक दोनों एक साथ मिलकर होली को बना देंगे बेमिसाल:-
जीने की फूलों का रंग नारंगी भी होता है चटक लाल भी होता है और ऑरेंज भी होता है आपके पास तीन तरह के गेंदे के फूलों को अगर सुविधा से मिल जाए तो इन्हें इनकी पंखुड़ियों को छाया में सुखा दे और खूब अच्छे से सूख जाने के बाद इनको भी बारीक पीस लें। जब आपको गेंदे का पाउडर मिल जाए तो उसमें वैसे तो कोई भी कलर या अन्य चीज मिलाने की जरूरत नहीं है अगर आपको लगता है कि रंग थोड़ा हल्का है तो उसमें या तो खाने का पीला रंग मिला दे या ऑरेंज रंग मिला दे नहीं तो उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाकर चंदन की तेल की कुछ बूंदे उसमें खुशबू के लिए डालकर सीसी में बंद करके रखते सीसी की जाल में फिर होली के दिन इसका गुलाल के रूप में प्रयोग करें इससे बढ़िया और इससे सुंदर गुलाल आपको कहीं मिलेगा नहीं और यह बिना मेहनत के और बिना पैसे का आपको आसानी से घर पर बना हुआ नेचुरल गुलाल मिल जाएगा जिससे आप जी भर के होली का लुफ्त उठा सकती है।
चुकंदर का रंग और होली की उमंग:-
होली का गुलाल और रंग बनाने के लिए चुकंदर भी एक बहुत ही अच्छा और सस्ता ऑप्शन है चुकंदर को कद्दूकस करके उसको छाया में सुखा लीजिए जब चुकंदर बहुत अच्छे से सूख जाए तो उसको मिक्सी में पीसकर बारीक पेस्ट बना लीजिए और उस पैसों को छलनी से छान कर उसमें हल्के से चंदन पाउडर लाल रंग वाला मिलाकर और थोड़े से चंदन का तेल मिलाकर रख दीजिए ।आपका चुकंदर का गुलाल बनकर तैयार है ।इस तरह के गुलाल से आपके स्किन और आपके चेहरे पर बाल ऊपर कहीं पर भी कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा और आप जैसे भी इस गुलाल को लगाएंगे वह आपसे बहुत अधिक प्रभावित भी होगा और बार-बार आपसे गुलाल लगाने की अपील करेगा।
सौभाग्य का प्रतीक मेहंदी और होली के उमंग के साथ:-
मेहंदी को भी आप हरे रंग के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं मेहंदी की पत्तियों को छाया में सुखाकर उसको अच्छे से पीस लें इसके बाद उसमें चुकी मेहंदी का कलर डाक ग्रीन हो जाता है उसको लाइट क्रीम बनाने के लिए उसमें थोड़ा सा हरे रंग का खाने वाला कलर मिलाकर उसमें थोड़ी से चंदन के तेल की कुछ बूंदे मिलाकर उसे हरे रंग के गुलाल के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।
होली का गुलाल और फूल पलाश:-
जब जब मेरे घर आना तुम फूल पलाश के लिए आना तुम यह बहुत पहले बहुत पुराना गाना है क्योंकि पलाश के फूलों का कलर इतना खूबसूरत होता है कि जिसको देखते ही मन उसकी तरफ आकर्षित होता चला जाता है उसकी केसरिया और लाल रंग को देखकर मन प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। पलाश के फूलों का भी हम बहुत सुंदर और प्राकृतिक गुलाल बना सकते हैं उसके लिए पलाश के फूलों को अच्छे से तोड़कर उसकी पंखुड़ियों को छाया में सुखाकर पाउडर बनाने के बाद उसमें हल्का सा ऑरेंज कलर मिलाकर हल्की सी कुछ बूंदे चंदन के तेल की मिलाकर 1 सीसी के जार में रख दे। लीजिए फूल पलाश के गुलाल आपकी होली खेलने के लिए तैयार है कहा जाता है कि राधा कृष्ण जी ने भी पलाश के फूलों से बने गुलाल की होली मनाई थी।
संतरे के संतरी रंग से आइए खेले होली:-
संतरे के छिलकों को भी हम गुलाल के रूप में प्रयोग कर सकते हैं इसके लिए संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर उसका बारीक पाउडर बनाकर उसमें थोड़ा सा ऑरेंज रंग खाने वाला मिलाकर उसमें कुछ बोले चंदन के तेल की मिलाकर उसे भी इस टूर करके रखते होली आने पर आपका बेस्ट नेचुरल स्किन फ्रेंडली गुलाल बनकर तैयार है जिससे आप मन भर के होली खेल सकते हैं। गुड़हल का गुण और होलि का रंग :-
सूखे लाल गुड़हल के फूलों से लाल रंग तैयार किया जा सकता है। सूखे हिबिस्कस या चीनी गुलाब के फूल लें और उन्हें बारीक पीसकर पाउडर बना लें। इसके जगह पर लाल चंदन का भी प्रयोग किया जा सकता है। आप सूखा लाल रंग बनाने करने के लिए चावल का आटा एक समान मात्रा में मिला सकते हैं। साथ ही अनार के छिलके को उबाल कर उसका रंग गीला कर सकते हैं।
लाल रंग के लिए, एक और तरीका जो इस्तेमाल किया जा सकता है, वो है रोली (सिंदूर) पाउडर को एक कटोरे में टैल्कम पाउडर की दोगुनी मात्रा के साथ मिलाना। ये विधि केवल उन लोगों के लिए अनुशंसित है, जिन्हें रोली पाउडर से एलर्जी नहीं है।
पीला या गोल्डन रंग
चमकीले पीले रंग के लिए हल्दी पाउडर को बेसन में मिला लें। अगर गीला रंग बनाना है तो गेंदे के फूलों को पानी में उबाल लें। पीले पानी को आप होली खेलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
लाल रंग
गुड़हल के फूलों को सूखा कर उसका पाउडर बना लें। उस पाउडर को आते में मिला लें। तैयार है लाल गुलाल।
गुलाबी रंग
गुलाबी रंग बनाना तो और भी आसान है। बस आपको लेना है चुकंदर या फिर अनार के दाने, उसे पानी में भिगो कर रखना है रात भर। बीएस सुबह तक बढ़िया नेचुरल गुलाबी रंग तैयार है।
केसरिया रंग
ऑरेंज या केसरिया रंग बनाने के लिए आपको बीएस केसर को पानी में भिगो क्र रखना है। क्या हुआ? केसर तो बहुत महंगा है पड़ेगा, फिर? कोई बात नहीं, आप केसर की जगह मेहँदी को भी भिगो कर रखें अगर तो भी बढ़िया ऑरेंज या केसरिया रंग बना सकते हैं।
हरा रंग
हरा रंग बनाने के लिए आपको लेना है नीम के पत्ते, पत्तों को पानी में उबाल लें और हरा रंग तैयार। अगर रंग हल्का लगे तो उसमे धनिया या पालक का पेस्ट मिला सकते हैं।
0 टिप्पणियाँ
If you have any questions let me ask