google.com, pub-1112571912339708, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Link: https://example.com; rel=canonical Winter skin care routine in Hindi

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Winter skin care routine in Hindi

 

Winter skin care routine in Hindi

वर्ष भर में मुख्यतः तीन मौसम होते है। सर्दी, गर्मी, वर्षा, हर मौसम की अलग-अलग समस्याएं होती है। और हर मौसम की आवश्यकता भी अलग-अलग होती है। इन आवश्यकता क पूर्ति
प्रकृति द्वारा और आपकी रसोई द्वारा आराम से हो जाता है। प्रकृति के विभिन्न विभिन्न पदार्थ जो दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है और चेहरा भी सुंदर होता है।
 
मौसम सर्द होने के साथ-साथ हवाए भी सर्द चलने लगती है जिसके प्रभाव से चेहरे पर रूखापन आ जाता है और त्वचा खींची  खींची सी  लगने लगती है। ऐसे पर चेहरे को नमी युक्त बनाना  आवश्यक है। जबकि सर्दियों के मौसम में त्वचा को अधिक देखभाल की जरूरत होती है। इन दिनों तापमान में गिरावट होने के वजह से चहरा ड्राई हो जाता है और हवा में नमी की कम हो जाती है। साथ सी ये सर्द हवा आपकी त्वचा से प्राकृतिक नमी कोऔर रंगत छीन लेती हैं और त्वचा में रूखापन पैदा करती हैं। सर्द हवा के कारण शरीर में रूखापन, होठों पर पापड़ी पड़ने लगती है, और एडिया भी फटने लगती हैं, शरीर में खुजलाने पर दरारें पड़ने लगती हैं।

त्वचा को रखे क्लीन और डिहाइड्रेट

  जयादातर सर्दियों में हम गर्म कपड़े और चेहरे पर गर्म कपड़े पहने रहते है और वूलन कपड़े शरीर से ऑयल को खीच लेता है और चेहरा और रूखा हो जता है और हम परेशान हो जाते है तो कोशिश ये करनी चाहिए कि वूलन कपड़े पहनने से पहले कॉटन के कपड़े जरूर उसके अन्दर पहने, क्योंकि कॉटन कपड़े सब तरह से त्वचा के लिए उपयुक्त होती है। हम जब कॉटन पहनकर उसके उपर से वूलन पहनेगे तो त्वचा की नमी बनी रहेगी।इसके बाद आप अपने चेहरे को किसी भी अच्छे से ऐलोवेरा युक्त फेस वॉश से चेहरे को साफ़ करे और ऐसा कम से कम दिन में दो से तीन बार करे उसके बाद नारियल, तिल , ऑलिव ऑयल, या बादाम तेल आदि का प्रयोग कर सकते हैं। यह हमारी त्वचा में जल्दी अवशोषित हो जातें हैं और त्वचा के टिश्यू को पोषण प्रदान करते हैं। विटामिन ई की एक कैप्सूल को लेकर उसके तेल को लेकर हल्के हल्के मसाज करके सोए तो त्वचा का रूखापन कम हो जाता हैं और नियमित प्रयोग से खत्म हो जाता हैं।

   जूस का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करे।


सर्दियों में चुकंदर, गाजर और अदरक का जूस पीना काफी फायदेमंद होता है। अदरक की तासीर गर्म होती है। ऐसे में इस जूस को पीने से आपको गर्माहट मिलेगी। आप चुकंदर, गाजर और अदरक के जूस को वर्कआउट करने से पहले और बाद में पी सकते हैं। यह विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है। इस जूस में आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी होता है। इससे एनीमिया की समस्या दूर होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है। सर्दियों में कई लोग गाजर को खाते हैं। गाजर का जूस बनाने के लिए आप इसमें ग्रीन एप्पल और संतरे का रस भी मिला सकते हैं। इससे जूस स्वादिष्ट और पौष्टिक बनेगा। यह जूस विटामिन और एंटीआक्सीडेंट से भरपूर होता है। इससे आपकी इम्यूनिटी बढ़ेगी। आंखों की रोशनी भी तेज होगी। इस जूस को पीने से आप जल्दी से बीमार नहीं पड़ेंगे। गाजर का जूस इम्यूनिटी बढ़ाता है।
खट्टे फलों का जूस हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होता है। खट्टे फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। खट्टे फलों का जूस पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और इंफेक्शन से बचाव होता है। खट्टे फलों का जूस पीने से लोग जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं। साथ ही यह जूस सर्दी-जुकाम से भी बचाता है। इसके लिए आप संतरे, मौसमी और अंगूर का जूस पी सकते हैं। ये ठंड के मौसम में आपको पूरी तरह से स्वस्थ और तंदरुस्त रखेगा।

    नियमित रूप से आवले का सेवन करे

निरंतर आंवले के प्रयोग से त्वचा में नमी बरकरार रहती है। क्योंकि आंवले में विटामिन सी की मात्रा अत्यधिक पाई जाती है रोज एक आंवला खाने से त्वचा की नमी बरकरार अति से त्वचा पर कांति आती है और पिंपल जैसी समस्याएं भी दूर होती है।
  आंवले के निरंतर प्रयोग से बालों का टूटना बालों में रुसी होना बालों का रूखापन आ बालों का बेजान होना सभी से छुटकारा मिलता है आंवले के निरंतर प्रयोग से आंखों की रोशनी बढ़ती है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। आंवला खाने से कई प्रकार की शादी की समस्या और रोगों से बचाव होता है और शरीर की इम्यून सिस्टम मजबूत होती है खास तौर पर सर्दियों में आंवला रामबाण की तरह होता है ।जिसे प्रकृति का वरदान समझिए आंवला का कई प्रकार से सेवन किया जा सकता है ।और किसी भी रूप में इसका सेवन करने से उतना ही फायदा होता है।
   आंवला शरीर की त्वचा और बाहर बाहर की तथा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है सुबह नाश्ते में आंवला का मुरब्बा खाना आपका शरीर स्वस्थ बनाकर रखता है। आंवले का जूस भी किया जा सकता है आंवला का जूस पीने से खून साफ होता है विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है एक आलेख में तीन संतरे के बराबर विटामिन सी पाया जाता है। आंवला खाने से लीवर को शक्ति मिलती है जिससे हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं। 

    सर्दियों में त्वचा को दे खुबसूरत निखार घर की रसोई से 

 # टमाटर को त्वचा पर प्रयोग करने से सन बर्न नही होता।

 # टमाटर को चहरे पर लगाने से साफ़ और ग्लोइंग त्वचा मिलती हैं।


   #  टमाटर को त्वचा पर लगाने से मुंहासे दूर होते

   
 

   # टमाटर को त्वचा पर लगाने त्वचा की जल शांत होती है


  # टमाटर को त्वचा पर लगाने त्वचा के घाव जल्दी भरते हैं

 

चहरे पर लगाने की विधि( face application) 

1*   एक पका हुआ टमाटर लेकर उसको बीच से कट कर दें फिर उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर चेहरे पर मसाज करें तकरीबन 5 मिनट मसाज करने के बाद उसे अपने चेहरे पर 15 मिनट के लिए छोड़ दें फिर हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें। इसके बाद कोई मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाकर चेहरे को छोड़ दें।
 
2*एक  पका हुआ टमाटर लेकर उसको कद्दूकस कर ले फिर उसका उसमें थोड़ा सा बेसन मिलाकर कुछ बूंदे नींबू के रस की मिलाकर थोड़ी मात्रा में ऑलिव आयल, या फिर नारियल का तेल मिलाकर चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें फिर सूख जाने के बाद उसे हल्के गुनगुने पानी से धो ले फिर चेहरे की कोई मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाकर छोड़ दे।

  चेहरे पर टमाटर लगाने के और भी बहुत सारे उपाय हैं जिनको आप बहुत आसानी से प्रयोग में ला सकते हैं और टमाटर का सूप भी सर्दियों में बहुत ही उपयोगी होता है जिसको पीने से आपके शरीर में विटामिंस और मिनरल्स की  भरमार हो जाती है।

  टमाटर का सूप सामग्री 🍅🍅🍅🍅🍅 (Ingredients of Tomato Soup) 🍅🍅🍅🍅🍅🍅🍅🍅🍅

अगर सर्दियों में कुछ गरम गर और हल्दी पीने का मन करता है

 और जिससे पेट भी भर जाए और भूख भी शांत हो जाए तो सबसे अच्छा विकल्प सामने आता है वह है टमाटर का सूप जो ठंडी हो में टमाटर की मात्रा भरपूर मिलती है जो सेहत का खजाना भी है, तो आइए झट पट बना लेते हैं ।

सूप बनाने की प्रक्रिया शुरू सामाग्री उपलब्ध Start the (process of making soup Ingredients available )

4 टमाटर
1/2 टीस्पून काली मिर्च या गोल मिर्च (freshly ground black pepper)
1/2 टीस्पून चीनी(1/2 tbsp sugar )
1 टेबलस्पून  बटर
4 से 5 ब्रेड स्लाइस , नमक स्वादानुसार काला नमक मिलाकर और अच्छा है,


टमाटर का सूप बनाने की विधि:
सबसे पहले टमाटर धोकर बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें.   मीडियम आंच पर एक बर्तन में दो कप पानी और इसमें टमाटर डालकर उबालें.टमाटर पकने तक उबलने दें.जब टमाटर अच्छी तरह नर्म होकर पक जाएं, तो आंच बंद कर दें.टमाटर को निकालकर ठंडे पानी में डालें और फिर इसका छिलका उतार लें.इसके बाद टमाटर को अच्छी तरह से पीस लें.पीसे हुए टमाटर के गूदे को बड़ी छलनी से छानकर बीज अलग कर दें.यदि सूप गाढ़ा है, तो इसमें आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर एक बार फिर 5 से 6 मिनट तक मीडियम आंच पर पकने के लिए रख दें.5 मिनट के बाद गैस को बंद कर दो फिर तैयार है आपका लजीज और स्वादिष्ट सूप उसको गरमा गरम  में सर्व करे।

सर्दियों में करें मछली🐟 और अंडे का प्रयोग( Use fish and eggs in winter,)


सर्दियां आते ही तकरीबन हर व्यक्ति को सर्दी जुखाम बुखार जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है जिससे काफी परेशानी अनुभव होती है और ठंड भी अधिक लगने की संभावना रहती है। यह सिर्फ ठंड के इंफेक्शन के कारण होता है इसलिए ऐसे में बहुत लोग अंडा खाने की सलाह देते हैं और अंडा खाने से बहुत हद तक इन सब समस्याओं से मुक्ति भी मिलती है। एक प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि अंडे में भरपूर मात्रा में जिंक पाया जाता है जिससे आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आपको सर्दी जुकाम और ठंड से होने वाली समस्या से मुक्ति मिलती है। अंडा आपको भरपूर मात्रा में प्रोटीन और अच्छा वसा प्रदान करता है जिससे आपका शरीर एक्टिव और स्वस्थ रहता है। इसमें आयरन, विटामिन ए, कैरोटेनॉयड्स, फोलेट, विटामिन बी5, फॉस्फोरस, विटामिन बी12, विटामिन डी, ई, के, बी6, कैल्शियम, जिंक और सेलेनियम होता है। अंडों में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अंडा  सूर्य की किरणों को अवशोषित करने में मदद करता है क्योंकि अंडे में भरपूर मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है ये विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक होता है। और सर्दियों में होने वाले रोगों से आपकी सुरक्षा करता है।  अंडे में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और एक मध्यम आकार के अंडे में करीब 6 ग्राम तक प्रोटीन होता है। प्रोटीन का उपयोग शरीर में एंटीबॉडी बनाने के लिए किया जाता है। एंटीबॉडी शरीर को बाहरी संक्रमण से बचाता है और आपको बार-बार बीमार नहीं होने देता अंडा में फैट पाया जाता है, लेकिन ये एक हेल्दी फैट होता है। जो आपके मोटापे का मुख्य कारक नहीं माना जाता है। इस तरह का फैट लेने से आपकी कोशिकाएं स्वस्थ्य रहती हैं, शरीर के अंगों में मजबूती आती है और शरीर में गर्मी बनी रहती है।   

पौष्टिक भोजन करना महत्वपूर्ण हो जाता है, ताकि शरीर इन बैक्टीरिया के खिलाफ एक ढाल बना सके. एक भोजन जो आपको ऐसी सभी तरह की बीमारियों से बचा सकता है वो है मछली सर्दियों के आगमन के साथ, ये इम्युन सिस्टम को भी बढ़ावा देने का समय है. खैर, ये साबित हो चुका है कि बैक्टीरिया बोर्न बीमारियां अक्सर सर्दियों के दौरान फैलती हैं, क्योंकि हवा में नमी उनके प्रजनन को आसान बनाती है  ।इसलिए, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन करना महत्वपूर्ण हो जाता है, ताकि शरीर इन बैक्टीरिया के खिलाफ एक ढाल बना सके. एक भोजन जो आपको ऐसी सभी तरह की बीमारियों से बचा सकता है वो है मछली. सर्दियों में मछली क्यों खानी चाहिए, जानने के लिए पढ़ें.मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड फेफड़ों में एयरफ्लो को बढ़ाने में मदद करते हैं और इसलिए ये आपके फेफड़ों को इनफेक्शन से फ्री रखते हैं और सर्दी के मौसम में सर्दी और फ्लू को भी मात देते हैं।सर्दियों के मौसम में अक्सर हम त्वचा के रूखे होने की शिकायत करते हैं. ये पाया गया है कि मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 और ओमेगा-3 फैटी एसिड दोनों आपकी त्वचा और एनवॉयरमेंट की ऊपरी परत के बीच बैरियर पैदा करने में मदद करते हैं और इसलिए त्वचा को ड्राई होने से रोकने में मदद करते हैं।सर्दियों के महीनों और गठिया के दर्द का एक लॉन्ग टर्म रिलेशन होता है और इस पेनफुल रिलेशन को तोड़ने का सबसे अच्छा तरीका मछली का सेवन करना है. ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करके और गठिया के लक्षणों को कम करके ऐसी स्थितियों से निपटने में मदद करता है.एक्सपर्ट के मुताबिक, मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड, अच्छी फैट से भरपूर होती है और ये साबित हो चुका है कि ये मस्तिष्क और आंखों को हेल्दी रखने में मदद करती है. साथ ही ये गर्भवती माताओं के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह साबित हो चुका है कि मछली में जीरो सैचुरेटेड फैट होती है और यही वजह है कि ये दिल के लिए अच्छा है. जानकारों के मुताबिक हफ्ते में एक बार मछली खाने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।मछली विटामिन डी का एक रिच सोर्स है और दिलचस्प बात ये है कि ये शरीर के जरिए दूसरे पोषक तत्वों को एब्जॉर्व करने में मदद करती है और आपको फिट और हेल्दी रखती है.अगर सर्दी के ग्लूमी दिन आपको लो फील करा रहे हैं, तो मछली खाना शुरू कर दें. द जर्नल ऑफ साइकियाट्री एंड न्यूरोसाइंस के मुताबिक, मछली और मछली के तेल के नियमित सेवन से डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार होता है ।हेल्दी आंखें ओमेगा-3 फैटी एसिड की एक रिच मात्रा के लिए बुलाती हैं और एजेंसी फॉर हेल्थकेयर रिसर्च एंड क्वालिटी के मुताबिक, मछली फैटी एसिड की रिच मात्रा प्रदान करती है जो आंखों को हेल्दी रख सकती है।सर्दियों के आगमन के साथ, ये इम्युन सिस्टम को भी बढ़ावा देने का समय है. खैर, ये साबित हो चुका है कि बैक्टीरिया बोर्न बीमारियां अक्सर सर्दियों के दौरान फैलती हैं, क्योंकि हवा में नमी उनके प्रजनन को आसान बनाती है।सर्दियों में स्वस्थ और बीमारियों से मुक्ति के साथ हम अपना जीवन यापन कर सके और अपने काम को सुचारू रूप से कर सकते जो हमारे शरीर को बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिला ऐसे में  सर्दियों में मछली खाने में प्रयोग करना चाहिए क्योंकि मछली में शरीर को गर्म करने की भरपूर मात्रा में क्षमता रखती,मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड फेफड़ों में एयरफ्लो को बढ़ाने में मदद करते हैं और इसलिए ये आपके फेफड़ों को इनफेक्शन से फ्री रखते हैं और सर्दी के मौसम में सर्दी और फ्लू को भी मात देते हैं।सर्दियों के मौसम में अक्सर हम त्वचा के रूखे होने की शिकायत करते हैं. ये पाया गया है कि मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 और ओमेगा-3 फैटी एसिड दोनों आपकी त्वचा और एनवॉयरमेंट की ऊपरी परत के बीच बैरियर पैदा करने में मदद करते हैं और इसलिए त्वचा को ड्राई होने से रोकने में मदद करते हैं।सर्दियों के महीनों और गठिया के दर्द का एक लॉन्ग टर्म रिलेशन होता है और इस पेनफुल रिलेशन को तोड़ने का सबसे अच्छा तरीका मछली का सेवन करना है. ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करके और गठिया के लक्षणों को कम करके ऐसी स्थितियों से निपटने में मदद करता है.एक्सपर्ट के मुताबिक, मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड, अच्छी फैट से भरपूर होती है और ये साबित हो चुका है कि ये मस्तिष्क और आंखों को हेल्दी रखने में मदद करती है. साथ ही ये गर्भवती माताओं के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह साबित हो चुका है कि मछली में जीरो सैचुरेटेड फैट होती है और यही वजह है कि ये दिल के लिए अच्छा है. जानकारों के मुताबिक हफ्ते में एक बार मछली खाने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।मछली विटामिन डी का एक रिच सोर्स है और दिलचस्प बात ये है कि ये शरीर के जरिए दूसरे पोषक तत्वों को एब्जॉर्व करने में मदद करती है और आपको फिट और हेल्दी रखती है.अगर सर्दी के ग्लूमी दिन आपको लो फील करा रहे हैं, तो मछली खाना शुरू कर दें. द जर्नल ऑफ साइकियाट्री एंड न्यूरोसाइंस के मुताबिक, मछली और मछली के तेल के नियमित सेवन से डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार होता है ।हेल्दी आंखें ओमेगा-3 फैटी एसिड की एक रिच मात्रा के लिए बुलाती हैं और एजेंसी फॉर हेल्थकेयर रिसर्च एंड क्वालिटी के मुताबिक, मछली फैटी एसिड की गुड क्वांटिटी  प्रदान करती है जो आंखों को हेल्दी रख सकती है।

नोट   _अभी सर्दियों के और सारे करने वाले उपाय हैं जो हम आगे के दूसरे आर्टिकल में बताएंगे क्योंकि यह आर्टिकल बहुत लंबा हो जा रहा है।

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