health care tips,जल जीवन ही नहीं, जल में अनेक औषधि गुण भी है
"जल एक प्रयोग अनेक," जीवन में जल की उपयोगिता को कभी कम नहीं आंकना चाहिए । जल अमृत है, जल जीवन का आधार है और जल ही है जो हमारे शरीर को स्वस्थ और स्फूर्तिवान रखता है । जैसे ही जल के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव है उसी तरह जल के बिना हमारे स्वास्थ्य का उत्तम होना भी दुर्लभ। जल एक औषधि यदि इसका उपयोग सही मात्रा में किया जाए तो हमारे शरीर को किसी औषधि की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जल का महत्व
जल एक औषधि है और इसका प्रयोग औषधि के समान ही करना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर लोग खाना खाने के बाद खूब सारा पानी पी लेते हैं, जोकि आयुर्वेद की दृष्टि दृष्टि से उचित नहीं, इसलिए ध्यान रखना चाहिए किचन पानी पिए तो खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। यदि खाना खाते समय गले में सजने लगे तो एक दो घूंट पानी पी सकते हैं कहा जाता है कि खाने के दौरान घूट घूट पानी पीना अमृत के समान होता है । एक साथ ज्यादा पानी पीना आपके साथ के लिए हानिकारक हो सकता है। मुंह साफ करने के लिए एक घूंट पानी पीना चाहिए और तकरीबन 1 घंटे के बाद हमें पानी पीना चाहिए। पानी पीने की इस प्रक्रिया को अपनाने से भोजन को पचाने में सहायता मिलती है।
हमारे शरीर की जठराग्नि को शांत करता है
खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीते पानी, भोजन के 1 घंटे बाद पीते हैं तो ऐसा करने से जो हमने भोजन किया है वह बहुत जल्दी पचेगा , पाचन क्रिया अच्छी बनी रहेगी और हमारे शरीर की जठराग्नि भी बहुत अच्छे से काम करेंगे। इसके साथ ही हमने जो खाया उसका अच्छा होगा इस संदर्भ में बहुत कुछ जरूरी बातें याद कर ले अगर हो सके तो निम्नलिखित बातों को आवश्य अपनाए।
जल सेवन के तरीके
भोजन करने से लगभग 40 मिनट पहले पानी पीना चाहिए ना कि भोजन शुरू करने के तुरंत पहले और खाना खाने के तुरंत बाद ना करें। भोजन करने के उपरांत हमको एक दो घूंट पानी पीना चाहिए और वह भी पानी ठंडा नहीं होना चाहिए या तो सामान्य पानी होना चाहिए या हल्का गुनगुना पानी होना चाहिए। अगर सुबह का नाश्ता करने के तुरंत बाद हमको बहुत तेजी से पानी की कमी महसूस हो रही हो या प्यास लगी हो तो उसके लिए अगर संभव हो तो हम संतरा मौसमी या किसी और फलों के रस को पी सकते हैं। और अगर दोपहर का भोजन करने के बाद हम को प्यास ज्यादा लगी हो तो खाने के तुरंत बाद हम दही की लस्सी या छाछ पी सकते हैं। क्योंकी दही और छाछ के बीच एक बुनियादी अंतर इनमें मौजूद पानी की मात्रा है। दही में पानी कम होता है लेकिन जब दही से छाछ बनाई जाती है तो छाछ को पतला करने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। लेकिन सिर्फ यही एक अंतर नहीं है। छाछ बनाते समय दही को मथकर उसमें से मक्खन निकाला जाता है। आयुर्वेद के अनुसार जब छाछ बनाने के लिए दही को छाछ में मथा जाता है तो यह छाछ को कुछ अतिरिक्त गुण प्रदान करता है। छाछ को मथने से उसमें मौजूद प्रोटीन शरीर के लिए पचाने में आसान हो जाता है।
रात को खाने के तुरंत बाद दूध पिया जा सकता है ऐसा करने से हमारे शरीर में कोई भी नुकसान होने की संभावना नहीं रहती क्योंकि यह भोजन को पचाने में मददगार होता है। क्योंकि
रात में सोने से पहले गर्म दूध पीना अमृत के समान होता है. यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. इससे नींद भी अच्छी आती है और मुझे रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है.। जब हम पानी पीते खूब-खूब करके पी जैसे चाय या कॉफी पीते एकदम से एक ही सांस में सहारा ग्लास न खत्म कर दे। तांबे के बर्तन में पानी औषधि सामान
तांबे का एक पत्र लिखकर रात में इसमें पानी भर कर रख लेना चाहिए और सुबह उठकर एक एक घुट करके थोड़ा थोड़ा करके इस पानी को पीना चाहिए। अगर हम तांबे के बर्तन में पानी रखते हैं तो हमको उस पानी को उबालने की जरूरत नहीं, क्योंकि इसमें वे सभी गुण आ जाते हैं जो हमको पानी कोबाल का ठंडा करने के बाद मिलते हैं।
तांबे की रखे हुए बर्तन का पानी पीने से हमारे चेहरे पर भी निखार आता है। अगर हमको त्वचा संबंधी परेशानियां हैं या हम चमकती त्वचा को पाने के लिए तरह-तरह के प्रसाधन इस्तेमाल करके थक चुके हैं तो प्रतिदिन एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। हमारी त्वचा परेशानियों से मुक्त हो जाएगी और चमकने लगेगा । गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाती है।
सुबह सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने के फायदे
सुबह सुबह खाली पेट एवं रात को खाने के बाद गर्म पानी पीने से पाचन संबंधी समस्या समाप्त हो जाती है एवं कब्ज और गैस जैसी समस्याएं परेशान नहीं करती। भूख बढ़ाने के लिए भी एक गिलास गर्म पानी बहुत मददगार साबित होता है। गिलास गर्म पानी एक नींबू का रस और काली मिर्च एवं साथ स्वादानुसार नमक डालकर पानी से पेट का भारीपन कुछ ही देर में दूर हो जाता है। खाली पेट गर्म पानी पीने से मूत्र संबंधी रोग समाप्त हो जाते हैं और छाती की जलन कम हो जाती है। वाशिंगटन रोग में गर्म पानी बिना अमृत के बराबर फायदेमंद माना जाता है।
गरम पानी के रोजाना सेवन से रक्त प्रवाह तेज होता है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है और पसीने के माध्यम से शरीर के सारे विषैले पदार्थ बाहर हो जाते हैं ।बुखार में प्यास लगेगी पर रोगी को ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी पीना चाहिए ।इससे लाभ मिलता है ।अगर शरीर के किसी हिस्से में गैस की वजह से दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर निकल जाती है।
पेट से संबंधित रोगों के लिए पानी
ज्यादातर पेट संबंधी रोग दूषित पानी की वजह से होते हैं। पानी को गर्म करने के बाद ठंडा करके पीने से पेट की ज्यादातर परेशानियां पैदा ही नहीं होती है। गर्म पानी पीने से शरीर में शक्ति का संचार होता है इससे खांसी और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं।
दमा हिचकी और खराश आदि रोगों में तल एवं भूमि पदार्थों के सेवन के साथ गर्म पानी पीना फायदेमंद होता है सुबह सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीने से विटामिन सी मिलता है गर्म पानी में नींबू का मिश्रण शरीर की रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूती प्रदान करता है। प्रतिदिन एक गिलास गर्म पानी मस्तिष्क की कोशिकाओं को के लिए एक बेहतरीन टॉनिक का काम करता है। सिर की त्वचा को लव करता है जिससे इसके सूखने की परेशानी समाप्त हो जाती है।
वजन को कम करने के लिए रामबाण है गर्म पानी
वजन घटाने में भी गर्म पानी का बहुत बड़ा योगदान होता है। खाना खाने के 1 घंटे बाद गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म (च यपचाय) बढ़ता है। अगर गर्म पानी में थोड़ा नींबू का रस कुछ बोले शहद मिला दी जाए तो इससे शरीर सुडौल हो जाता है। हमेशा जवान और सुंदर दिखने की चाहत रखने वाली सभी महिलाओं एवं पुरुषों के लिए औषधि का काम करता है क्योंकि गर्म पानी पीने से हमारी बॉडी डिटॉक्स हो जाती है और सारे विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और वसा को तेजी से गलाने का काम करता है गरम पानी । इस प्रकार यदि जल का समुचित उपयोग किया जाए तो यह एक अद्भुत औषधि का काम करता है।
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