पक्षी पर्यावरण के संकेतक हैं। यदि वे मुसीबत में हैं, तो हम जानते हैं कि हम भी जल्द ही मुसीबत में पड़ जाएंगे.” — रोजर टोरी पीटरसन
इसलिए पूरे मानव समुदाय के लिए तो महत्वपूर्ण हैं ही enoirnment जिनके बिन हम अधूरे है उनकी भी चिंता हमको करनी होगी नही तो सिर्फ़ पछताने के और कुछ हाथ नहीं आएगा
जगह मोटर,गाड़ियों का अम्बार,खाना कितना भी बर्बाद हो पर थाली हाऊसफुल,पानी की बर्बादी तो इतनी की नल खुली या बन्द पता नही,कहने का तात्पर्य है की हम अपनी जरुरत को ध्यान मे रखने के साथ अपनी आने वली पीढियो के लिय कुछ छोडने के मूड मे नही ,भले ही वो पीढियाँ आपकी अपनी ही हो।हम कितना भी पैसा और प्रॉपर्टी सँजो कर रखेगे परंतु बिना प्राकर्तिक संसाधनो के वो कृतिम वस्तुओं से अपने आपको सुरछित नही रख सकते क्योकि पीने के लिय पानी और खाने के लिय अनाज की ही आवस्यकता उनको भी पड़ेगी बस फास्ट फ़ूड खाकर नही जी सकते। मानवता का धर्म तो यही कहता है की हम अपनी जरुरत मे से भी थोडी जरुरत कम करके वस्तुओं को बचाने और लोगो को भी बचाने को प्ररित करे क्योकि हम किसी भी तरह से अपने अपनो के दर्द मे पाप के भागी नही बन सकते हमे अपने अपनो के खुशहाल जीवन का भागीदार बनना है इसकी प्रतिज्ञा हमको करनी पड़ेगी आज अभी क्योको अभी नही तो कभी नही।
महत्वपूर्ण स्लोगन envoironment सुरक्षा के
मानव समूह को अपनी नियमित दिनचर्या मे envoirnment की चिंता के लिए खूब सारे प्रयास करने होगे जिसे उनके साथ साथ बच्चो मे भी पर्यावरण के लिए जागरूकता हो से ।
envoirnment में मौजूद कई तरह से हानिकारक पदार्थ बढ़े है जिनकी समस्या से निजात पाने के लिए पूरे मानव जीवन को एक साथ खड़ा होकर चिंता करणी होगी
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